मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बिहार में उद्योगों के विकास पर जोर

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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले अब नीतीश सरकार रोजगार को लिए निर्णायक निर्णय ले रही है। इसी बीच नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान ऐसा ही कुछ बात कही है। ये बात उन्होंने केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा कोरोना संक्रमण के बाद प्रवासी मजदूरों के रोजगार के लिए हो रहे प्रयासों के मद में कही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में उद्योगों के अच्छी संभावना जताते हुए कहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में फूड प्रोसेसिंग, गारमेंट्स, टेक्सटाइल्स, लेदर गुड्स, मेडिकल, इलेक्ट्रिकल एवं अन्य उद्योगों की संभावना है। इसके लिए केन्द्र के पहल का हमें इंतजार है। अगर केन्द्र पहल करता है तो हमलोग उद्योगों के लिए एक हजार एकड़ भूमि देने के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कही मेक-इन-इंडिया की बात

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वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मेक-इन-इंडिया के तहत बिहार में भी अब कुछ उद्योगों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। हम इसके लिए जीएसटी और आयकर में छूट देने पर विचार करेंगे। मुख्यमंत्री बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लिए हो रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए हर तरह के आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच की संख्या बढ़ाने का हर संभव हम प्रयास कर रहे हैं। इसे हम 20 हजार करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने काम की विस्तृत जानकारी केन्द्र को दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रवासियों के आने के बाद बिहार में कोरोना की संख्या बढ़ी है। तीन मई से अभी तक 21 लाख लोग आए हैं। हमने राज्य में 15036 क्वारंटाइन सेंटर खोल रखे हैं। जिसमें 15 लाख 30 हजार से भी ज्यादा लोगों को रखा गया। एक व्यक्ति सरकार ने औसतन 5300 रुपए खर्च किए हैं।