दिल्ली विस चुनाव में मुरझाये कमल की झाड़ू से सफाई, हाथ की भी नहीं बनी बात

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दिल्ली विस चुनाव
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आज सुबह से ही दिल्ली विस चुनाव के मतगणना की प्रक्रिया शुरु है। इस विधानसभा चुनाव के परिणाम पर न सिर्फ दिल्ली बल्कि देश की नजरें टिकी हुयी है। एक्जिट पोल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जीत का अनुमान पहले ही लगा चुकी थी, बावजूद इसके भाजपा नेता इसे खारिज करते हुए 22 वर्षों का वनवास खत्म होने का दावा कर रहे थे।

वहीं, राजधानी में अपनी खोई हुई जमीन की तलाश कर रही कांग्रेस के नेता त्रिशंकु विधानसभा होने की आस लगाये बैठे थे। जैसे-2 रुझानों के नतीजे सामने आ रहे हैं आम आदमी पार्टी को छोड़ बाकी सभी पार्टियों के नेता के चेहरे के तेवर फीके नज़र आने लगे हैं। अब तक के रुझानों के नतीजे में आप 63 जबकि भाजपा 7 सीट पर आगे चल रहा है।

बता दें कि दिल्ली विस चुनाव में भाजपा पहली बार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। अब तक वह दिल्ली में शिरोमणि अकाली दल बादल के साथ मिलकर चुनाव लड़ती रही है। इस बार अकाली दल के बजाय बिहार के दो सहयोगी पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। जदयू को बुराड़ी और संगम विहार की जबकि लोजपा प्रत्याशी को सीमापुरी सीट मिली है।

कांग्रेस अब तक के इतिहास में पहली बार दिल्ली में किया गठबंधन

यह काफी आश्चर्यजनक और हास्यपद है कि 15 वर्षों तक दिल्ली को अपनी जागीर समझकर राज करने वाली कांग्रेस भी पहली बार गठबंधन करके चुनाव मैदान में उतरी है। समझौते के तहत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बुराड़ी, किराड़ी, पालम व उत्तम नगर सीट मिली है। जिन सीटों पर भाजपा व कांग्रेस की सहयोगी पार्टियों के उम्मीदवार मैदान में हैं, उन पर बिहार के मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। इस समीकरण को ध्यान में रखकर जदयू, लोजपा व राजद के उम्मीदवार उतारे गए हैं।

गौरतलब है कि बुराड़ी में अमित शाह, जबकि संगम विहार में जेपी नड्डा के साथ जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि केजरीवाल ने बिहार के लोगों को अपमानित किया है। उन्होंने कहा था कि 500 का टिकट लेकर बिहार के लोग दिल्ली आते हैं और 5 लाख का इलाज करा कर चले जाते हैं। बिहार में आयुष्मान योजना लागू है, जिसे दिल्ली सरकार ने लागू नहीं किया है। कहा कि हमने यहां की सरकार से बिहार से बस चलाने की अनुमति मांगी, लेकिन अनुमति नहीं मिली।

केजरीवाल पीटते हैं शिक्षा का ढिंढोरा

नीतीश ने कहा था कि केजरीवाल शिक्षा का ढिंढोरा पीटते हैं, हमने बिहार में 22 हजार स्कूल खोले हैं। यह तो खुद नीतीश कुमार को भी पता नहीं चल पाया होगा कि केजरीवाल पर अपने काम का ढ़िढ़ोरा पीटने का आरोप लगाते-2 वे खुद कब अपने काम की नुमाईश कर बैठे। आगें, नीतीश कुमार ने अपने काम क बखान करते हुए कहा कि हमने हर पंचायत में माध्यमिक स्कूल खोल रहे हैं। हाई स्कूल में लड़के-लड़कियों की संख्या बराबर हो गई है। कुछ लोग केवल जुबान चलाते हैं और काम नहीं करते हैं, लेकिन हम करके दिखाते हैं।

अब तक की मतगणना में जहां एक तरफ कॉग्रेस का खाता भी नहीं खुला है, वहीं दूसरी ओर अबतक की रुझानों से भाजपा की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। खैर अभी तक के रुझान से इतना तो स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली में एक बार फिर अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। आप के पक्ष में फैसला जाते देख जदयू के पूर्व उपाध्यक्ष व आप का चुनावी कैंपेन संभाले प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर दिल्ली की जनता को भारत के संविधान की आत्मा को बचाने के लिए धन्यवाद दिया है।

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