बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में उपयोग होने वाली नए ईवीएम के बारे में जाने

0
828
bihar breaking news

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ईवीएम को लेकर आदेश जारी किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस बार नए ईवीएम के प्रयोग की बात कही है। नए ईवीएम का नाम एम-3 (मॉडल-3) है। जिसका उपयोग एम-3 ईवीएम के पुराने मॉडल-2 के जगह पर उपयोग होगा। एम-3 मॉडल पुराने से तकनीक में अच्छा है। इसको लेकर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवासन ने आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया है। एम-3 ईवीएम का इस्तेमाल उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और आंध्रप्रदेश में हो चुका है। इस बार के चुनाव के लिए वहीं ईवीएम मंगाने की बात कही गई है। यह तकनीकी दृष्टि से प्रयोग में अच्छा है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 की कई खासियतें

ईवीएम एम-3 की कई खासियतें हैं-

  • नए ईवीएम में आम चुनाव के दौरान उम्मीदवारों के बढ़ने पर कोई परेशानी नहीं होगी। पुराने ईवीएम में 64 से ज्यादा उम्मीदवार होने पर मतदान के लिए बैलेट पेपर के इस्तेमाल का प्रावधान था। नए ईवीएम-3 में 200 से ज्यादा उम्मीदवार को लिए बैलेट पेपर इस्तेमाल का प्रावधान है।
  • इस नए ईवीएम में अगर कुछ छोटी खराबी आती है तो वह खुद ठीक कर लेती है। साफ्टवेयर में फाल्ट होने पर डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखने लगता है।
  • एम-3 ईवीएम में टेंपर डिटेक्टन का नया फीचर है। इससे छेड़छाड़ होने पर काम करना बंद कर देती है।
  • इसके कंट्रोल यूनिट और बैलट यूनिट आपस में संवाद करते हैं। अगर कोई कंट्रोल यूनिट या बैलट यूनिट लगाई जाएगी तो यह काम करना बंद कर देगी।

[inline_posts type=”related” box_title=”” align=”alignleft” textcolor=”#000000″ background=”#d1d1d1″][/inline_posts]

बिहार में पिछले दो चुनाव के दौरान मॉडल-2 ईवीएम का उपयोग हुआ है। इसका सॉफ्टवेयर पुराना हो चुका है। पुरानी में तकनीकी गड़बड़ी होने पर जल्द ठीक होती थी। उसमें खराबी होने पर ठीक करने के लिए जांच करना होता है। इसके लिए मॉडल-2 ईवीएम में बैलेट यूनिट में उम्मीदवारों की संख्या कम होती है। ऐसे में तकनीकी रुप से हर काम में अच्छा होने पर इसका उपयोग होता है।