गुरूवार, फ़रवरी 29, 2024
होमक्राइममहिलाओं को अब सुरक्षा की चिंता नहीं, बेफिक्र होकर निकलें घर...

महिलाओं को अब सुरक्षा की चिंता नहीं, बेफिक्र होकर निकलें घर से बाहर, जानें कैसे

बिहार पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है। बिहार पुलिस की इस पहल से महिलाओं के साथ हो रही बदसलूकी में शायद कुछ कमी आ सके। पुलिस के इस पहल से संकट में फंसी महिलाएं अब आसानी से पुलिस की मदद ले सकेंगी। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस, महिला सामुदायिक पुलिस एप ‘पुलिस दीदी’ लांच करने जा रही है। 22 से 27 फरवरी तक आयोजित होने वाले पुलिस सप्ताह के दौरान इस एप को लांच किया जायेगा।

एप का बटन दबाते ही सर्वर के जरिए पुलिस को पहुंचेगी सूचना

बिहार पुलिस जब इस एप को लांच करेगी तो पुलिस दीदी नाम के इस एप को महिलाओं को अपने मोबाइल में डाउनलोड करके रखना होगा। उसमें एसओएस या पावर बटन दबाने पर सहायता के लिए आग्रह मुख्यालय स्तर पर स्थित पुलिस सर्वर में चला जायेगा। आग्रह जाते ही सर्वर के जरिए उस मोबाइल यूजर का लाइव लोकेशन पता चल जायेगा। लोकेशन पता चलने के साथ ही उस एरिया से संबंधित थाने की पुलिस को तुरंत सूचना देकर उस जगह पहुंचने को कहा जायेगा। कुछ ही मिनट में पुलिस संकट में घिरी महिला की सहायता के लिए वहां पहुंच जायेगी।

जानें किसने तैयार किया है इस एप को

बिहार पुलिस के इस एप की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि मोबाइल का स्क्रीन लॉक रहने पर भी उससे सहायता के लिए सर्वर में मैसेज भेजने का प्रावधान होगा। मोबाइल का स्क्रीन लॉक रहने पर भी मोबाइल से पावर बटन दबाने पर मैसेज सर्वर तक चला जायेगा। संकट में फंसी महिला के पास मोबाइल के स्क्रीन के लॉक को खोलकर एप से मैसेज भेजने की प्रक्रिया जटिल होने के साथ-2 मुश्किल हो सकती थी। इस सभी पहलुओं को ध्यान मे रखते हुए ऐसी तकनीक विकसित की गयी है, ताकि बटन दबाने के कुछ ही सेकेंट के अंदर मैसेज पुलिस तक पहुंच जाए। इसका पूरा क्रेडिट प्रयास नाम की संस्था के फाउंडर प्रेसिडेंट सुमन लाल को जाता है। इन्हीं के सहयोग से इस एप तैयार किया गया है।


बता दें कि इस पुलिस दीदी एप से सहायता के लिए मैसेज टाइप कर भेजने का समय हो तो उस महिला या युवती के गार्जियन को भी सूचित किया जा सकेगा। एप में दो तरह से सहायता मिल सकती है। एक तो सिर्फ पावर बटन दबाकर जिसमें लाइव लोकेशन मिलते ही पुलिस वहां मदद को पहुंच जायेगी। दूसरा तरीका होगा कि संकट में पड़ी महिला एप में मैसेज टाइप कर भेजेगी जिसमें अपने गार्जियन का कांटैक्ट नंबर भी दे सकती है। इससे यह फायदा होगा कि पुलिस उसके गार्जियन को भी सूचित कर देगी। यह खबर पढ़कर तो ऐसा लग रहा है कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में शायद कुछ कमी आ सकती है, लेकिन क्या इस पुलिस दीदी एप से महिलाओं का कुछ कल्याण होगा ? यह तो आनेवाले वक्त में पता चलेगा।

मुजफ्फरपुर बालिका गृह हत्याकांड में बृजेश ठाकुर को उम्रकैद

Badhta Bihar News
Badhta Bihar News
बिहार की सभी ताज़ा ख़बरों के लिए पढ़िए बढ़ता बिहार, बिहार के जिलों से जुड़ी तमाम अपडेट्स के साथ हम आपके पास लाते है सबसे पहले, सबसे सटीक खबर, पढ़िए बिहार से जुडी तमाम खबरें अपने भरोसेमंद डिजिटल प्लेटफार्म बढ़ता बिहार पर।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular