तेजस्वी यादव का बड़ा बयान, ऐसा हुआ तो नहीं लड़ेंगे बिहार विधानसभा 2020 का चुनाव

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जहां, कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुये बिहार की राजधानी पटना सहित कुछ अन्य जिलों में एक बार फिर लॉकडाउन कर दिया गया है. वहीं, इस लॉकडाउन के बीच बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का बड़ा बयान सामने आया है. बता दें कि बिहार के युवा राजद नेता तेजस्वी ने अपने बयान में कहा है कि अगर परंपरागत प्रचार की इजाजत नहीं मिलती है, तो उनकी पार्टी बिहार चुनाव 2020 से दूर रहेगी.

बिहार के 11 जिलों में आज से पूर्ण लॉकडाउन

विदित हो कि बिहार में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. बीते दो दिन में लगातार 700 से अधिक नए मरीज मिले हैं. नये मरीजों के साथ  राज्य में संक्रमितों की संख्या 14 हजार के करीब पहुंच गई है। यहां तक कि कोरोना का अब राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है. आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह, गुलाम गौस और विनोद सिंह, राजद, जदयू तथा भाजपा तीनों दल के नेता कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं.

आगामी तीन माह में होने हैं बिहार चुनाव 2020

इस साल के अंत में विधानसभा का चुनाव होना है. ऐसे में राजनीतिक दलों के सामने यह चुनौती है कि वे जनता के बीच कैसे जाएंगे. केंद्र और राज्य में रुलिंग पार्टी भाजपा और जदयू ने इसके लिए डिजिटल अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन राजद परंपरागत चुनाव प्रचार के पक्ष में है.राजद के इस युवा नेता का कहना है कि हम बिहार में फेक चुनाव नहीं होने देंगें.इसके अलावे तेजस्वी ने कहा है कि हमारी पार्टी राजद परंपरागत प्रचार के बिना बिहार चुनाव 2020 के चुनावी समर में नहीं जाएगा.

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बता दें कि तेजस्वी ने यह बात 10 सर्कुलर रोड में जिलाध्यक्षों और विधायकों-विधान पार्षदों को संबोधित करते वक्त कहा है. इसके साथ ही उन्होने कहा कि हमारे नेता लालू प्रसाद अक्टूबर तक जेल से बाहर होंगे, ऐसी पूरी उम्मीद है. जहां, एक तरफ तेजस्वी ने परंपरागत चुनाव प्रचार न करने देने के पर चुनाव न लड़ने की बात कही है वहीं, दूसरी तरफ आयोग इस बात पर अडिग है कि चुनाव तय समय पर ही होगा.

लालू यादव के समर्थकों के लिए खूशखबरी

गौरतलब है कि भारत के निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने गत बुधवार को कहा था कि बिहार विधानसभा का आम चुनाव समय पर होगा. इसके लिए आवश्यक तैयारी की जा रही है. कोरोना महामारी के कारण इस बार वोटिंग, मतदान केंद्रों पर वोटरों की संख्या और चुनावी रैली को लेकर कई बदलाव किए जाएंगे. चुनाव आयोग सुनिश्चित करेगा कि कोरोना से जुड़े एसओपी का पालन बिहार चुनाव में हो.