गुरूवार, फ़रवरी 29, 2024
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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, मामला पुनः चर्चा में

सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की 44 में से 8 पीड़ित बालिकाओं को परिवारवालों को सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने बिहार सरकार को पीड़ित बालिकाओं को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

यह मामला TISS द्वारा एक अनुबंध के तहत सौंपी गई रिपोर्ट के बाद उजागर हुई थी। मई 2018 में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज ने बिहार सरकार को सौंपी थी। इस रिपोर्ट के अनुसार में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में अनेक अनियमितता पाई गई थी। फ़िलहाल, TISS के रिपोर्ट को मानते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने 8 बालिकाओं को उनके घरवालों को सौंपने का आदेश दिया है। लेकिन, घरवाले उन्हें पुनः परिवार में शामिल करने को लेकर उदासीन नज़र आ रहे है। अनेक बच्चियां फ़िलहाल सदमे की स्तिथि में है।

किन वजहों से सुनवाई पूरी होने से पहले आई निर्देश

कोशिश’ के द्वारा हाल ही में एक सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी थी। साथ ही ये भी कहा कि 8 लड़कियों को परिवार वालो को सौंपा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार तक बाल कल्याण समिति और बिहार सरकार को अपना जवाब देने को कहा था। ‘कोशिश’ ने कुछ परिवारों से संपर्क की कोशिश भी की थी।

आपको यह भी याद दिला दे की जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने ‘कोशिश’ को परिवार वालों से संपर्क साधने की अनुमति दी थी। बिहार सरकार से जवाब आने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने ताज़ा निर्देश दिए है। गौरतलब रहे कि ‘कोशिश’ TISS की ही एक अनुषंगी इकाई है। यह संस्था जमीनी स्तर पर काम करती है।

कैसे हुई खुलासा, जानिए कालक्रम से

जून 2019 : 11 बच्चियों के हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को 3 महीने का अतिरिक्त समय प्रदान की।

मई 2019 : सीबीआई ने 11 बालिकाओं के हत्या की आशंका जताई। 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दो सप्ताह के अंदर हत्याकांड की जाँच पूरी करने को कहा।

नवंबर 2018 : जदयू नेत्री एवं पूर्व मंत्री मंजू वर्मा सहित कुछ अन्य आरोपित गिरफ्तार। सुप्रीम कोर्ट की राज्य सरकार को कड़ी फटकार, जवाब तलब। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के रवैये को शर्मनाक और अमानवीय बताया। सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना से जुड़े सभी मामले सीबीआई को सौंपा।

जुलाई 2018 : PMCH ने मेडिकल रिपोर्ट मुजफ्फरपुर पुलिस को सौंपी। 44 में से अधिकांश लड़कियों संग बलात्कार की पुष्टि। पीड़ित बालिकाओं के बयान ने अपने साथी की हत्या कर शव को दफनाए जाने की बात कही। बालिका गृह परिसर की खुदाई। अवसादग्रस्त एवं पीड़ित बालिकाओं को अन्य आश्रय गृहों एवं इलाज़ के लिए स्थानांतरण।

जून 2018 : मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर गिरफ्तार। साथ ही अन्य 8 अन्य आरोपी भी हुए गिरफ्तार।

मई 2018 : TISS ने सौंपी रिपोर्ट, मामले का हुआ खुलासा। मुजफ्फरपुर में FIR दर्ज। काम आई मुजफ्फरपुर की तत्कालीन महिला पुलिस कप्तान की ततपरता।

जुलाई 2017 : बिहार सरकार और TISS के बीच अल्पवास एवं बालिका गृह की सोशल ऑडिट के लिए समझौता।

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