बिहार विधानसभा चुनाव 2020: वीआरएस से बक्सर की राजनीति में आया भूचाल

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बक्सर। बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस लेने के कुछ माह बाद से उनके जिले की राजनीति में आने की चर्चा को और बल मिल गया और यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं हो रही कि बक्सर जिले की राजनीति में अचानक उबाल आ गया। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 नजदीक होने के बाद धीरे-धीरे पक रही बक्सर की राजनीति की खिचड़ी में में अचानक उबाल आ गया। हर चौक-चौराहों पर दिनभर केवल पांडेय के राजनीति में उतरने और बक्सर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनने को लेकर चर्चा होती रही। जिले की सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू होने से चुनावी रणनीति भी बनने लगी।

किस सीट से चुनाव में आएंगे, ये अभी स्पष्ट नहीं किया

वैसे डीजीपी ने बातचीत में चुनाव में आने की बात तो कही लेकिन,किस सीट से चुनाव में आएंगे,ये अभी स्पष्ट नहीं किया। जैसा कि विदित है कि डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय मंगलवार की देर शाम वीआरएस ले लिया। 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय का कार्यकाल पांच माह बाद समाप्त होने वाला था। 31 जनवरी 2019 को उन्हें सूबे का डीजीपी बनाया गया था। राज्य के पुलिस महानिदेशक के रूप में गुप्तेश्वर पांडेय का कार्यकाल 28 फरवरी 2021 को पूरा होनेवाला था। पांडेय के वीआरएस लेने की खबर जिले में पहुंची कि सभी एक-दूसरे को फोन कर कहने लगे कि आखिरकार कयास जो लगाए जा रहे थे,वे सच ही साबित हुए।

फेम इंडिया के हॉर्डिग से पटा शहर

फेम इंडिया नाम की संस्था ने डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को देश के 50 चर्चित भारतीयों की सूची में टॉप 10 में शामिल किया। ये सर्वे फेम इंडिया द्वारा साल 2020 के लिए किया गया था, जिसमें डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने टॉप टेन में जगह बनाई। अलग-अलग कैटगरी में देश भर के विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध लोगों की राय और ग्राउंड रिपोर्ट को आधार बना कर किए गए हैं। इसकी घोषणा होने के बाद से शहर में पिछले दो दिनों में जगह-जगह दर्जनों हॉर्डिंग लगाए गए। गुप्तेश्वर पांडेय की तस्वीर के साथ बने इस पोस्टर को भी चर्चा का बिंदु बनाया गया। वहीं बिग बॉस और गैंग्स ऑफ वासेपुर फेम दीपक ठाकुर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तस्वीर पोस्ट की। इनके म्यूजिक वीडियो पर भी बहस हो रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 से पहले राजनीतिक उबाल

गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस लेने के बाद से जिले की एनडीए की राजनीति में अधिक उबाल आ गया। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि उन्होंने वीआरएस लेने के बाद अभी किसी दल का दामन नहीं थामा। ऐसे में,यह स्प्ष्ट तौर पर तो नहीं कहा जा सकता कि वे किस दल से प्रत्याशी होंगे, लेकिन चर्चा के बीच ही जो बात उभरकर सामने आ रही है, वह यह है कि वे एनडीए से ही चुनाव में आ सकते हैं। अब एनडीए के घटक दलों में बक्सर सीट पिछले चुनाव में भाजपा के पास थी। ऐसे में यह साफ तौर पर कोई नहीं बता पा रहा कि वे भाजपा से उम्मीदवार होंगे या फिर जदयू से। इन दोनों ही दलों के स्थानीय नेताओं में इसपर मंथन चल रही है।

डीजीपी के पद पर रहने के बाद भी गुप्तेश्वर पांडेय बराबर स्थानीय लोगों के दुख-सुख में शामिल होने की कोशिश की। पिछले छह माह से तो हर कुछ माह पर बक्सर विभागीय कार्यों से भी आते थे तो अपने गृह जिले के पुराने गुरुजनों, सामाजिक हस्तियों, साहित्यकारों से मिलकर उनका दुख बांटने का प्रयास करते थे। अपनी व्यथा-पीड़ा लेकर लोग पटना तक उनके पास पहुंच जाते थे। इस सबकी सुनवाई भी होती थी। अपने गांव गेरुआ बांध से भी उनका नाता बराबर बना रहा।

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