बिहार में कोरोना महामारी की मृत्युदर बढ़ने की संभावना

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बिहार में कोरोना महामारी की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। बिहार में भले ही अब रोज दस हजार सैंपलों की टेस्टींग (कोवीड-19 टेस्ट) हो रही है, लेकिन अभी राष्ट्रीय औसत से ये काफी कम है। ऐसे में बिहार में कोरोना संक्रमण के कारण मृत्यु दर बढ़ने की संभावना है। बिहार में अभी अन्य राज्यों की अपेक्षा काफी कम जांच हो रही है। इसके अलावा मृत्यु दर भी 0.69 फीसदी पर बनी हुई है। जबकि परिक्षण कम होने के कारण संक्रमण बढ़ते जा रहा है। मरीजों की पहचान होने में देरी के कारण मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर होने की संभावना है।

बिहार में कोरोना महामारी की स्थिति पर केन्द्रीय टीम ने चेताया

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रविवार को बिहार आई केन्द्रीय टीम ने भी इसपर चिता व्यक्त की है। केन्द्रीय टीम ने कोरोना संक्रमण के कोसों में तेजी के पर चिंता जताई है। बिहार में आई टीम का नेतृत्व केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग के सचिव लव अग्रवाल कर रहे थे। तीन सदस्यीय टीम में नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के निदेशक डॉ एसके सिंह और एम्स दिल्ली में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ नीरज निश्चल भी थे।

केन्द्रीय टीम ने बताया है कि पूर्वी चंपारण, गया, रोहतास और मुजफ्फरपुर कोरोना के नए स्पॉट बन रहे हैं। जबकि पटना, नालंदा, सीवान, पश्चिम चंपारण, जमुई, भागलपुर, बेगूसराय और मूंगेर में कोरोना की तेजी से बढ़ते मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा है। टीम ने आने वाले दिनों में इसके बढ़ने की संभावना जताई है। इसके लिए राज्य के अस्पतालों में बुनियादी ढांचों पर विशेष ध्यान देने को भी कहा है। अस्थायी क्षेत्र में नए अस्पतालों को शुरु करने की बात कही है। बिहार में पिछले 11 दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या दोगुनी हुई है। ऐसे में टीम ने जल्द ही इसके एक लाख के पार जाने की संभावना व्यक्त की है।

बता दें कि बिहार में कोरोना के कारण बिगड़ते हालातों के कारण स्वास्थ्य विभाग ने एक टीम बिहार भेजी थी। इस उच्चस्तरीय टीम में तीन डॉक्टरों को रखा गया था। टीम ने बिहार के कोविड अस्पताल की स्थिति पर भी चिंता जताई थी।