कोरोना अपडेट: महाराष्ट्र से 4 स्पेशल ट्रेनों से भेजे जा रहे हैं 5000 बिहारी, 4500 मंदिर बंद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता कर्फ्यू की अपील पर पूरा देश 22 मार्च को एकजुट है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार के फैसले के कारण दानापुर रेल मंडल के सामने यह समस्या पैदा हो गई कि वह इस एकजुटता में कैसे साथ निभाए। दानापुर रेल मंडल और पटना जिला प्रसाशन की नीद इस बात से उड़ी हुई है कि महाराष्ट्र से आज हजारों की संख्या में बिहारियों को स्पेशाल ट्रेनों से दानापुर भेजा जा रहा है।

महाराष्ट्र से बिहारियों को लेकर चली ट्रेन 22 मार्च की सुबह ही दानापुर पहुंच जाएगी। इन यात्रियों के आगमन की तैयारियों का मुआयना 21 मार्च को जिलाधिकारी कुमार रवि और एसएसपी पटना उपेंद्र शर्मा ने लिया है। कोरोना वायरस को लेकर महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा अलर्ट देखा गया है। कोरोना के संक्रमण के चलते महाराष्ट्र में लोगों की मौत भी हुई है। कोरोना से सबसे ज्यादा लोग महाराष्ट्र में ही प्रभावित पाए गए हैं। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में अलर्ट जारी हैं। यहां की दुकानें और मॉल बंद कर दी गई हैं।

यही वजह है कि वहां काम करनेवाले लोग इस बेरोजगारी के दौरान अपने घर लौट रहे हैं। महाराष्ट्र में काम करने वाले भारी तादाद में बिहारियों को स्पेशल ट्रेनों से भेजा जा रहा है। ये यात्री रविवार और सोमवार को दानापुर में उतारे जाएंगे।

बिहार बना जनता कर्फ्यू का गवाह

रविवार को जनता कर्फ्यू का गवाह बनने के लिए बिहार तैयार दिखा। सुबह 7 से रात 9 बजे तक घरों में रहकर पटनावासी कोरोना वायरस को मिटाने का संकल्प लेते दिखे। इस दौरान ऑटो व सिटी बसें भी नहीं चलीं लेकिन दवा की दुकानें खुली दिखाई दी। आज के दिन सिर्फ पुलिस प्रशासन और मीडियाकर्मियों की गाड़ियां ही चलती दिखी।

दुनिया के लिए संकट बन चुके इस महामारी को रोकने के लिए पीएम की अपील पर पटनावासियों ने पुख्ता तैयारी कर ली है। शाम पांच बजे थाली बजाकर वायरस खात्मे का संकल्प लेने के साथ ही एकजुटता का संदेश भी देंगे। सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, साहित्यिक संगठनों के लोगों ने भी इसे सफल बनाने की अपील की है। शनिवार को कई इलाकों में शाम पांच बजे अपने-अपने घर की बालकॉनी में खड़े होकर लोगों ने इसका रिहर्सल भी किया।

पटना के 4500 मंदिर अगले आदेश तक बंद

देश में लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना के संक्रमण को लेकर देश के अन्य इलाकों के साथ-साथ बिहार में भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने राज्य के करीब 4500 मंदिरों को अगले आदेश तक के लिए बंद करने का फैसला किया है।