बीते 3 दिन में बिहार में 279 कोरोना संक्रमण के मामले, सभी जिले कोरोना के चपेट में

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बिहार में कोरोना संक्रमण के मरीजों के मिलने की रफ्तार काफी तेज हो गई है। बीते मंगलवार को सबसे अधिक एक दिन में 130 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें राजधानी पटना के बीएमसी के 6 जवान समेत 18 लोग शामिल है। अब राज्य के सभी जिले में कोरोना का संक्रमण फैल चुका है। अभी तक बचा एकमात्र जिला जमुई भी अब कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया है।

मंगलवार की बात करें तो खगड़िया और जहानाबाद में 16-16 पश्चिम चंपारण में 14, नालंदा में 12, बेगूसराय में 9, मधुबनी और नवादा में 4, मुजफ्फरपुर में 3, दरभंगा, औरंगाबाद, सारण, शेखपुरा, समस्तीपुर और गोपालगंज में 2-2 कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए हैं। वहीं सुपौल, पूर्णिया, सिवान, भोजपुर, कटिहार, भागलपुर, लखीसराय, जमुई, मुंगेर और अरवल में 1-1 मरीज के मिलने की पुष्टि की गई है। इस तरह अभी तक बिहार में कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या 879 पहुंच गई। हालांकि इनमें से 383 मरीजों को हराकर अपने घर वापस भी जा चुके हैं।

2 दिनों में बिहार में 183 कोरोना संक्रमण

बिहार में प्रवासी मजदूरों के आने के साथ ही राज्य सरकार के लिए चुनौती बढ़ती जा रही है। पिछले 2 दिनों में यानी सोमवार और मंगलवार को बिहार में 150 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं। सोमवार को 53 मरीज मिले थे वहीं मंगलवार को 130 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। आपको बताते चलें कि रविवार को राज्य में सर्वाधिक 96 मरीज सामने आए थे, जिसको पीछे छोड़ते हुए बुधवार को सर्वाधिक 130 मरीज सामने आए हैं। बिहार का एकमात्र जिला जो अब तक कोरोना संक्रमण से बचा हुआ था, जमुई में भी पहली बार 1 कोरोना संक्रमित मरीज मिला है।

10 लाख लोगों पर मात्र 313 टेस्ट

बिहार में 22 मार्च से शुरू हुए कोरोना के कहर के 52 दिन बीतने के बाद अब बिहार पॉजिटिव मरीज की संख्या 879 के साथ अन्य राज्यों के तुलना में 14वें स्थान पर पहुंच चुका है। बिहार के ऊपर 13 राज्य हैं जिनमें कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, पंजाब, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र शामिल है। इन राज्यों की तुलना में अगर टेस्ट की बात करें तो बिहार में सबसे कम टेस्ट हुए हैं। बिहार में प्रति 10 लाख लोगों पर मात्र 313 औसतन टेस्ट हो रहा है जिनमें से 7 लोग पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। बिहार की अनुमानित जनसंख्या 12 करोड़ बताई जाती है। ऐसे में जांच की प्रकिया को और तेज़ करने की आवश्यकता है।

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7 दिनों के अन्दर प्रवासी मजदूर को लाए वापस

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोविड-19 महामारी के नियंत्रण, निगरानी, रोकथाम एवं लोगों को दी जा रही राहत के संबंध में उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि 7 दिनों के अन्दर अन्य राज्यों से बिहार आने वाले बिहार के इच्छुक लोगों को वापस लाने के लिये अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर तुरंत कार्रवाई की जाय। उन्होंने कहा कि नजदीक के राज्यों से जो प्रवासी मजदूर बिहार आना चाहते हैं, उन्हें बसों से लाने की भी व्यवस्था रहे, इसके लिये आवश्यक समन्वय स्थापित कर बसों से लाने की कार्रवाई शुरू की जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये अब रैंडम जाॅच से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक टेस्टिंग करें तथा टेस्टिंग कैपिसिटी प्रतिदिन कम से कम 10 हजार तक शीघ्र बढ़ायी जाय और इसके लिये सभी आवश्यक कदम उठाये जायें। आपको बताते चले की बिहार में अभी रोजाना लगभग 2000 सैंपल जांच की व्यवस्था है।

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