गुरूवार, फ़रवरी 29, 2024
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बिहार में कोरोना के साथ चमकी बुखार का कहर, चमकी के कुल 17 मामले

बिहार में कोविड-19 पॉजिटिव के 11 नए मामले मिलने के साथ ही राज्य में कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़कर 72 से 83 हो गई है। इस बीच, कोरोना पॉजिटिव वैशाली के युवक का इलाज करने वाले पटना के दो निजी अस्पताल और एक जांच केंद्र को सील कर दिया गया है। पटना के तत्कालिन डीएम कुमार रवि के निर्देश पर यह कारवाई की गई है। विदित हो कि स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने सूचित किया है कि मुंगेर के छह लोगों में कोरोना की पुष्टि गुरुवार को दिन में हुई थी। ये सभी एक ही परिवार के हैं। उत्तर बिहार के कई जिलों में AES (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) यानि चमकी बुखार का कहर भी शुरू हो गया है।

देर रात मुंगेर के ही छह माह की बच्ची, 22 वर्षीय महिला सहित तीन और मरीज के पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। ये तीनों बुधवार को मिले कोरोना पॉजिटिव 60 साल के बुजुर्ग के परिवार के हैं। इस सब के बीच स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि राज्य में अबतक कुल 8834 सैंपल की जांच की गई है। इनमें 8754 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं।

बता दें कि बिहार में पहले से ही 11 जिले कोरोना संक्रमण की चपेट में थे। अब दो नए जिले वैशाली और बक्सर भी मरीज के कोरोना मरीज के मिलने से संक्रमित जिलों की सूची में शामिल गये हैं, और इसी के साथ कोरोना संक्रमित जिलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। किसी एक जिला से सबसे ज्यादा 29 मरीज मिलने का रिकार्ड सीवान जिले का है। वहीं 17 मरीजों के साथ मुंगेर दूसरा सबसे प्रभावित जिला गया है। इसके अलावे बेगूसराय जिला में 8 और राजधानी पटना में 6 मरीज मिले हैं।

राजधानी के 2 अस्पलाल जबकि 1 जांच केंद्र हुआ सील

राजधानी पटना के जिन 2 अस्पताल को सील किए गया है, उनमें खुसरूपुर का सेंट्रल अस्पताल और पटना बाइपास का पॉपुलर अस्पताल शामिल है। राजेंद्र नगर सब्जी मंडी स्थित मैक्स डायग्नोस्टिक जांच केंद्र को भी प्रशासन ने सील कर दिया है। डीएम कुमार रवि ने बताया कि दोनों सील अस्पतालों के बाहर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। वहां आने-जाने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। एम्स पटना में भर्ती होने से पहले कोरोना पॉजिटिव युवक ने इन अस्पतालों में अपना इलाज कराया था। डायग्नोस्टिक केंद्र पर जांच कराई थी। इसके अलावा मीठापुर बंगाली टोला के सोना डायग्नॉस्टिक केंद्र के एक लैब टेक्निशियन भी युवक की जांच करने गया था, जिसे क्वारंटाइन कर दिया गया है।

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बिहार में चमकी बुखार के 17 मामले

जहां, एक तरफ बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, तो वहीं दूसरी तरफ, गर्मी की धमक के साथ ही उत्तर बिहार के कई जिलों में AES (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) यानि चमकी बुखार का कहर भी शुरू हो गया है। बीते गुरुवार को SKMCH के PICU वार्ड में भर्ती 2 और बच्चों में AES की पुष्टि हुई है। चमकी बुखार से पीड़ित वैशाली के परमानंदपुर के 6 वर्षीय अनुराग व शिवहर तरियानी के 13 साल के रौशन कुमार को मंगलवार को भर्ती कराया गया था। दोनों की जांच रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि वे चमकी बुखार से पीड़ित हैं। इसके साथ ही उत्तर बिहार में चमकी बुखार से पीड़ितों की संख्या 23 हो गई है।

गौरतलब है कि इस सीजन में चमकी बुखार का पहला केस मुजफ्फरपुर से आया था, कुल केस में से मुजफ्फरपुर से 3, पश्चिम चंपारण, वैशाली व शिवहर में एक-एक और पूर्वी चंपारण में 17 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड निवासी एक बच्चे की मौत हो चुकी है, जबकि 12 बच्चों को स्वस्थ होने पर अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है। एसकेएमसीएच व पूर्वी चंपारण के मोतिहारी सदर अस्पताल के पीकू वार्ड में पांच-पांच पीड़ितों का इलाज चल रहा है।

SKMCH के अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शाही की मानें तो पीआइसीयू कक्ष में अब तक एईएस से पीड़ित नौ बच्चे भर्ती हुए हैं। इसमें पांच का इलाज चल रहा है। वहीं तीन को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। जबकि एक की मौत इलाज के दौरान हो गई थी। बात मोतिहारी सदर अस्पताल की करें तो यहां 14 बच्चों को भर्ती किया गया था। इसमें से नौ बच्चे स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

Badhta Bihar News
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