गुरूवार, फ़रवरी 29, 2024
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परिवहन निगम की 15 साल पुरानी बसें होंगी बंद, पीपीपी मोड पर चलने वाली बसों की भी जांच

बढ़ते प्रदूषण स्तर को लेकर परिवहन निगम ने फैसला किया है कि राजधानी पटना में आज से 15 साल पुरानी बसों को नहीं चलाया जाएगा। आज से 10 बसें पटना में नहीं चलेंगी। ये सभी बसें पटना से नवादा, दरभंगा समेत अन्य रूटों पर चल रही हैं।

15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों का पटना शहरी क्षेत्र में परिचालन पर प्रतिबंध लगने के बाद परिवहन निगम ने अपनी पुरानी बसों की सेवा पर रोकने का फैसला किया है। सूत्रों से मिली अब तक की जानकारी के मुताबिक बांकीपुर प्रतिष्ठान से निगम की अपनी बसों का परिचालन अलग-2 रूटों पर हो रहा है। सभी बसें लगभग 15 साल पुरानी हैं।

15 साल पुरानी वाहन होने के कारण

काफी पुरानी वाहन होने के कारण इसका परिचालन बंद करने का फैसला किया गया है। साथ ही निगम में पीपीपी मोड़ पर विभिन्न रूटों पर चलनेवाली बसों के प्रदूषण की जांच होगी। ज्यादा धुआं देनेवाली बसों को दुरुस्त कराने की सलाह दी जाएगी। धुंआ की समस्या से निजात पाने के बाद ही उसे चलाने को कहा गया है। अगर प्रदूषण जांच के दौरान किसी प्रकार की धांधली पायी गयी तो जुर्माने की रकम वसूल की जाएगी।

निगम के कंट्रोल में बसों के चलने के कारण उसका परिचालन बेखौफ होता जा रहा है। बिना प्रदूषण व फिटनेस सर्टिफिकेट के बसें चल रही हैं। पीपीपी मोड़ पर चलनेवाली कई बसें जहर उगल रही हैं। जांच नहीं होने के कारण ऐसी बसों का परिचालन लगातार जारी है। निगम के सूत्र द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक पीपीपी मोड़ पर चलनेवाली अधिकांश बसें लगभग सात से आठ साल पुरानी हैं।

कम दूरी तय करने के लिए पुरानी बसों का परिचालन हो रहा है। इसकी नियमित रूप से जांच भी नहीं होती है। अधिकांश बसें अधिक धुआं दे रही हैं। निगम के आधिकारिक सूत्र ने कहा कि पीपीपी मोड़ पर चलनेवाली बसों के कागजातों की जांच होगी। जिसमें प्रदूषण, फिटनेस, टैक्स, ड्राइवर के लाइसेंस आदि की भी जांच होगी।

सड़क पर धुआं फेंकती गाड़ी की भेजें तस्वीर

अगर सड़क पर प्रदूषण फैलाते वाहनों पर नजर पड़े तो उस पर कार्रवाई के लिए आमलोग भी संबंधित वाहनों की फोटो या वीडियो बनाकर डीटीओ और एमवीआइ को सूचना भेज सकते हैं। संबंधित गाड़ियों की तस्वीर व्हाट्सएप पर डीटीओ को भेजने की अपील की गयी है। ऐसे गाड़ियों पर 36 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाने की बात भी कही गयी है।

परिवहन निगम की ओर से जर्जर, प्रदूषण फैलाने वाला और अनफिट बसों व अन्य वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने के लिए सभी स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजा जा रहा है, ताकि वह गाड़ियों का फिटनेस और प्रदूषण करा लें। अभी तक के अभियान में कुल 1075 वाहनों की जांच में 197 वाहनों पर जुर्माना और 151 को जब्त किया गया है।

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि चौथे दिन वाहन प्रदूषण जांच अभियान में कुल 240 वाहनों की जांच की गयी है। जिसमें 40 वाहनों पर जुर्माना और प्रदूषण फैलाने वाले 53 वाहनों को जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले स्कूल बसों पर भी कार्रवाई शुरू की दी गयी है। शुक्रवार को डीएवी स्कूल की गाड़ी को भी प्रदूषण जांच के दौरान पकड़ा गया है।

इन नंबरों पर भेंजे धुंआ फेंकती गाड़ियों की तस्वीर और विडियो: 6202751158, 9955332202, 7370980725

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने आगे कहा कि जब्त गाड़ियों का परमिट रद्द होगा। उन सभी जब्त गाड़ियों को दोबारा से परमिट उसी वक्त दिया जायेगा, जब वह सड़क पर चलने लायक होगी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण बढ़ाने में जर्जर और 15 साल पुरानी गाड़ियां एक मुख्य कारण है। लोगों से अपील है कि अपने वाहनों की नियमित रूप से सर्विसिंग कराएं और प्रतिबंधित वाहनों को नहीं चलाये।

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