बिहार का अंशुमान भारद्वाज तय करेगा मंगल ग्रह तक का रास्ता

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anshuman bhardwaj
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गोपालगंज के रहने वाले डॉक्टर अंशुमान भारद्वाज मंगल ग्रह पर रिसर्च के लिए जाने वाली टीम का एक अहम् हिस्सा होंगे। मंगल ग्रह पर जानेवाली टीम इसपर शोध करेगी कि मंगल ग्रह पर पानी अपने तरल रूप में रह सकता है या नहीं। शोध सफल होने पर मंगल ग्रह पर जीवन की सम्भावनाओ को बल मिलेगा। हमारे राज्य बिहार के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है कि गोपालगंज जिले के कटेया प्रखंड के धरहरा मेला गांव से आने वाले युवा वैज्ञानिक डॉक्टर अंशुमान भारद्वाज को मंगल ग्रह मिशन में शामिल किया गया है।

अंशुमान भारद्वाज टीम के सबसे युवा वैज्ञानिक

बिहार से आनेवाले अंशुमान भारद्वाज स्वीडन की लूलियॉ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में वायुमंडलीय अनुसंधान विभाग में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत है। उनका चयन यूरोपीय स्पेस एजेंसी के एक्सोमार्श मिशन के लिए किया गया है। यह मिशन मंगल पर पानी के प्रबल संभावना पर कार्य करेगी। मिशन के तहत यूरोपियन एजेंसी अगले साल मंगल ग्रह पर पानी तरल रूप में रह सकता है, या नहीं, इसपर शोध करने को हैबिट उपग्रह भेजेगी। मिशन के लिए चयनित टीम में डॉक्टर अंशुमान भारतीय मूल के एकमात्र और सबसे युवा वैज्ञानिक हैं।

बिहार के बेतिया से आने वाले अंशुमान की प्रारंभिक शिक्षा बेतिया के नवोदय विद्यालय से हुई, जहां अंशुमान की माँ डॉक्टर माया मिश्रा शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। यहीं से उन्होंने अपनी इंटरमीडिएट तक की पढाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बायो मेडिकल में स्नातक पूरा किया, साथ साथ शोध भी किया। शोध पूरा होने के बाद उनका चयन लूलियॉ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर पद के लिए हो गया।

शोध तय करेगा मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना

यूरोपीय एजेंसी का एक्सोमार्श मिशन मंगल ग्रह के पर पानी के शोध को आगे बढ़ाते हुए यह शोध करेगा की मंगल पर पानी को तरल पदार्थ के रूप में रखा जा सकता है या नहीं। यदि यह शोध कामयाब रहा तो मंगल ग्रह पर जीवन की प्रबल संभावना हो सकेगी।

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