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Friday, July 23, 2021
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राबड़ी और तेजस्वी नहीं होते तो रांची में ही हमें खत्म कर दिया जाता: लालू

राबड़ी और तेजस्वी नहीं होते तो रांची में ही हमें खत्म कर दिया जाता: लालू

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पटना में सोमवार को अपना 25वां स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम का उद्घाटन राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने किया। इस मौके लालू ने कहा अगर तेजस्वी यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी नहीं होतीं तो रांची में ही मैं खत्म हो जाता। दोनों के सहयोग से मुझे दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। लालू ने कहा कि मैं जल्द ही पूरी तरह से ठीक हो जाऊंगा। राजद सुप्रीमो ने कहा कि हमारे साथ बिहार की जनता है। अल्पसंख्यक, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े गरीब सभी राजद को पसंद करते हैं। लालू ने यह भी कहा कि बहुत जल्द ही पटना आना वाला हूं। राजधानी आते ही सभी जिलों में अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराऊंगा।

लालू प्रसाद ने अयोध्या के बाद मथुरा के मुद्दे को उठाने के प्रति देश को आगाह किया और भाजपा पर देश तोड़ने का आरोप लगाया। झारखंड हाई कोर्ट से जमानत पर रिहा होने के बाद लालू दिल्ली में मीसा भारती के आवास में रह रहे हैं, वहीं से साढ़े तीन साल बाद किसी कार्यक्रम में आनलाइन शिरकत किए। लंबी बीमारी के कारण राजद प्रमुख की आवाज में कुछ सुस्ती जरूर थी, लेकिन तेवर और तौर-तरीके में कोई फर्क नहीं था। भाजपा पर पुराने अंदाज में ही हमलावर राजद प्रमुख ने कहा कि सत्ता के लिए सामाजिक तानाबाना को खंडित किया जा रहा है। नारा लगाया जा रहा है कि अयोध्या के बाद मथुरा…क्या इरादा है? वह टूट जाएंगे, मगर बुनियादी मुद्दों से कभी समझौता नहीं करेंगे।

तेजस्वी को दिया बड़ा श्रेय

विधानसभा चुनाव में राजद के सबसे बड़े दल के रूप में उभरने का श्रेय उन्होंने तेजस्वी के नेतृत्व को दिया और समर्थन के लिए नेताओं-कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया। बोले नई पीढ़ी के हाथों में राजद का भविष्य उज्ज्वल है और निकट भविष्य में हम देश का भी नेतृत्व करेंगे। लालू ने अपने कार्यकाल का बचाव किया और मंडल कमीशन लागू करने का श्रेय लिया। उन्होंने कहा कि मैैंने समाज के वंचित तबकों के लिए काम किया। सैकड़ों साल से एक तवे पर एकतरफा रोटी जल रही थी। हमने पलट दिया। इसे जंगलराज कहा गया। लाखों लोग पेट की मार से चरवाही करते थे। मैंने उनके लिए चरवाहा विद्यालय खोला और कहा कि चरवाही के साथ पढ़ाई भी करो। इसका मजाक बनाया गया। पुराने दिनों को याद करते हुए लालू ने कहा कि मैंने पांच-पांच प्रधानमंत्रियों को देखा और उन्हें बनाने में सहयोग भी किया है। नीतीश कुमार को भी केंद्र में मंत्री बनवाया था।

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