बिहार- एक झलक

बिहार का परिचय

बिहार एक ऐसा जगह जहाँ बुद्धा और जैन धर्म का जन्म हुआ, एक ऐसा जगह जहाँ सिख धर्म और हिन्दू धर्म का विकास हुआ | बिहार एक ऐसा स्थान जिसका इतिहास दुनिया के किसी भी जगह से बेजोड़ है| बिहार का वैशाली जिला दुनिया का पहला लोकतंत्र और पाटलिपुत्र दुनिया का पहला सबसे बड़ा शहर हमारे राज्य के गरिमा को और भी गौरवशाली बनता है | यहाँ के बहुत सारे पर्यटक स्थल अभी भी दुनिया के नजरों में अछूते है | दुनिया में प्रशिद्ध बुद्धा सर्किट से लेकर पटना साहिब और मधुबनी पेंटिंग अभी भी पूरी तरह से पर्यटको का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल नहीं हुआ है |

बिहार का संछिप्त इतिहास

वैसे तो बिहार के इतिहास के बारे में पूरी दुनिया जानती है पर इतिहास के पन्नो में बिहार बहुत धूमिल सा नजर आता है | मेरे विचार में ऐसा इसीलिए भी हो सकता है क्योकि यहाँ के बहुत से गतिविधियां का इतिहास के पन्नो में कहीं वर्णन नहीं हुआ, लेकिन बुद्धा और जैन धर्म के जन्म के बाद बिहार दुनिया के पटल पर अपनी एक नई पहचान बनकर सामने आया | वैशाली, नालंदा, राजगीर, पाटलिपुत्र और मिथिला जैसे कुछ जगहों ने तो बिहार के पहचान को एक नई उचाई प्रदान की | उत्तरी बिहार में वैशाली जो लिच्छवि राज्य की राजधानी थी, को सबसे पुराना और दुनिया का पहला गणतंत्र का श्रेय मिला हुआ है | वैशाली को अपनी पवित्रता के कारण ही भगवान् महावीर का जन्म स्थान होने का गौरव प्राप्त हुआ जो वैशाली की आभा और पवित्रता को और भी खूबसूरत और पवित्र बनाती है | राजगीर ने अपने भूमि पर पहला बुद्धा परिषद् बनते देखा है और राजगीर को मौर्या राजा बिम्बिसार का बुद्धा धर्म में बदलने वाला स्थान बनने का गौरव प्राप्त हुआ | मगध की पहली राजधानी राजगीर को भारत के इतिहास का पहला राजधानी बनने का गौरव प्राप्त हुआ | बाद में मगध की राजधानी पाटलिपुत्र को बना दिया गया जो एशिया महादेश का गौरव बना और साथ ही नन्द, गुप्ता और मौर्या जैसे कई साम्राज्य का राजधानी बनने का गौरव भी प्राप्त हुआ |
बाद में जब अंग्रेजो ने भारत पर अपने आधिपत्य जमाया तब भी बिहार ने भारत के भविष्य का एक अदभुत पन्ना लिखा और बक्सर को दक्षिण भारत का अंतिम प्रभुत्व की लड़ाई लड़ने का गौरव प्राप्त हुआ जो की ईस्ट इंडिया कंपनी और मुग़ल, बंगाल के नवाब और अवध के राजा के संयुक्त सैनिको के बीच लड़ा गया |
अगर बिहार के इतिहास की बात हो और नालंदा विश्वविद्यालय की न हो ऐसा हो ही नहीं सकता | नालंदा विश्वविद्यालय अति प्राचीन या यूँ कहे की प्राचीन विश्वविद्यालयो में से एक विश्वविद्यालय है तोह कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी | नालंदा और विक्रमशिला का इतिहास तो सदियों पुराना है |

बिहार और यहाँ की संस्कृति त्यौहार और भोजन

बिहार की संस्कृति भी बहुत पुरानी है, यहाँ का पटना कलाम और मिथिला पेंटिंग की मिसाल तोह आज भी पूरी दुनिया के लोग देते हैं | मधुबनी जो की मिथिला के हृदय के रूप में जाना जाता है, यहाँ की पेंटिंग यहाँ के गाओं के औरतों के द्वारा बनाया जाता है आज भी पूरी दुनिया में अपनी पहचान के लिए जाना जाता है बस इसे सही मंच की जरुरत है जिससे यह फिर से पूरी दुनिया में अपनी धूम मचा सके | बिहार की नृत्य जाट-जतिन बहुत ही प्रशिद्ध है | भोजपुरी जो की यहाँ की सबसे ज्यादा बोले जाना वाली भाषा है उसके बारे में कुछ कहने की जरुरत नहीं है |
यहाँ के पर्व त्यौहार में छठ पूजा का सबसे ऊपर स्थान है जिसमे भगवान् सूर्य को अर्ध्य देकर यहाँ के लोग ३ दिन का कठिन व्रत करते हैं | अन्य त्योहारों में दुर्गा पूजा, दिवाली और अन्य कुल देवता की पूजा भी शामिल है |
बिहार के लोग खाने पीने के भी बहुत शौकीन है, यहाँ के लिट्टी और चोखा का स्वाद तो आप सब ने लिया ही होगा | अन्य भोजन में यहाँ क लोग भात और दाल के साथ आलू का चोखा या भुजिया खाना भी बहुत पसंद करते हैं |

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